श्रावस्ती, 10 जुलाई 2025।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के क्रम में श्रावस्ती जनपद में विलुप्त होती बूढ़ी राप्ती नदी के पुनरोद्धार कार्य की औपचारिक शुरुआत की गई। हरिहरपुररानी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम हरिहरपुररानी के समीप बूढ़ी राप्ती के तट पर जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी एवं मुख्य विकास अधिकारी शाहिद अहमद ने पूजा-अर्चना कर तथा फावड़ा चलाकर कार्य का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी अजय द्विवेदी ने कहा कि प्रदेश सरकार की यह महत्त्वाकांक्षी योजना न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ठोस कदम है, बल्कि इससे आस-पास के किसानों को सिंचाई के लिए जल उपलब्ध होगा और उनकी कृषि आधारित आजीविका को मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि नदी का संरेखण रिमोट सेंसिंग के माध्यम से चिन्हित किया गया है तथा बरसात के बाद मनरेगा और जनसहयोग से व्यापक स्तर पर पुनरोद्धार कार्य शुरू किया जाएगा, जिससे अगले वर्ष वर्षा से पूर्व नदी अपने मूल स्वरूप में लौट सके।
जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि बूढ़ी राप्ती की कुल लंबाई 67.03 किलोमीटर है, जिसमें से 16.91 किलोमीटर का भाग पूरी तरह अवरुद्ध है जबकि शेष 51.12 किलोमीटर में प्रवाह बना हुआ है। यह नदी विकासखंड हरिहरपुररानी के ग्राम मोहम्मदपुर से निकलकर कुल 54 गांवों से गुजरती है और इकौना ब्लॉक के ग्राम बन्दरहा एवं गोविन्द चौराहा के पास मुख्य राप्ती नदी में मिलती है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्ष 2014 एवं 2024 के रिमोट सेंसिंग डाटा के विश्लेषण से यह पाया गया है कि नदी के प्रवाह क्षेत्र में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं हुआ है। इसके आधार पर अब सर्वेक्षण शुरू किया गया है, जिसमें कैचमेंट एरिया में जलग्रहण एवं ड्रेनों से आने वाले जल के आधार पर मिट्टी की मात्रा का आंकलन कर पुनर्जीवन योजना लागू की जाएगी।
इस मौके पर डीसी मनरेगा, खंड विकास अधिकारी हरिहरपुररानी, ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, स्कूली छात्र-छात्राएं व बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी अजय द्विवेदी के नेतृत्व में इस पहल की सराहना करते हुए कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई।





