बेबसी को मिली रफ्तार और बीमारी को संजीवनी, जनता दर्शन में लौटी चेहरों पर मुस्कान
जनता दर्शन बेबसों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभर रहा है। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित जनता दर्शन में प्रशासन की संवेदनशील पहल से दिव्यांगजनों को नई रफ्तार और गंभीर बीमारियों से जूझ रही बेटियों को बड़ी राहत मिली। यहां शिकायतें सिर्फ कागजों में दर्ज नहीं हो रहीं, बल्कि उनका त्वरित और मानवीय समाधान भी किया जा रहा है।
कुछ दिन पूर्व जनता दर्शन में आलिया निवासी घेर आज़म, नैपाल सिंह निवासी मोवीनपुर अहमदाबाद और ओमपाल निवासी सिरसा, तहसील मिलक ने जिलाधिकारी श्री अजय कुमार द्विवेदी से मिलकर अपनी समस्या रखी। तीनों दिव्यांगजनों की शारीरिक स्थिति ऐसी थी कि वे सामान्य हाथ से चलने वाली ट्राईसाइकिल का संचालन करने में सक्षम नहीं थे।
जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय कंपनी रेडिको खेतान लिमिटेड से संपर्क किया। कंपनी ने अपने सीएसआर फंड के अंतर्गत 10 मोटराइज्ड (इलेक्ट्रिक) ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराईं। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में तीनों पात्र दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल सौंपी गईं। शेष सात ट्राईसाइकिलें भी शीघ्र अन्य पात्र लाभार्थियों को प्रदान की जाएंगी। अब ये दिव्यांगजन बिना किसी सहारे अपने दैनिक कार्य स्वयं कर सकेंगे।
इसी जनता दर्शन में रेखा कश्यप निवासी ग्राम नरखेड़ा, तहसील स्वार और काजल निवासी सोहना, तहसील शाहबाद का मामला भी सामने आया। दोनों गंभीर असाध्य बीमारियों से पीड़ित हैं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से हैं। वर्ष 2011 की एसईसीसी सूची में नाम न होने के कारण उनका आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहा था, जिससे उनका इलाज अटका हुआ था।
जिलाधिकारी ने नियमों के अंतर्गत समाधान निकालते हुए पहले पात्रता की जांच कर उनका अंत्योदय राशन कार्ड बनवाया। अंत्योदय कार्ड बनने के बाद वे आयुष्मान योजना के लिए पात्र हो गईं और उन्हें पांच लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा वाला आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराया गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस प्रक्रिया के माध्यम से अब तक 200 से अधिक जरूरतमंदों के आयुष्मान कार्ड बनवाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जनता की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।




